Thursday, February 5, 2026

भोपाल में रात का आतंक खत्म: ‘नाइट ब्लेड अटैकर’ गिरफ्तार, वजह आई सामने


भोपाल। राजधानी भोपाल में बीते कुछ दिनों से रात के समय युवतियों पर चाकू से हमला करने वाले युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद शहरवासियों ने राहत की सांस ली है। यह घटनाएं भोपाल के पिपलानी और अयोध्या नगर थाना क्षेत्र में सामने आई थीं, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया था। पुलिस के अनुसार आरोपी रात के समय अकेली युवतियों को निशाना बनाता था और अचानक पीछे से चाकू या ब्लेड से हमला कर मौके से फरार हो जाता था। लगातार हो रही वारदातों के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष टीमों का गठन किया था।

सीसीटीवी से हुई पहचान

भोपाल पुलिस ने करीब 25 टीमों को अलग-अलग इलाकों में तैनात किया और सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी साक्ष्यों और लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर आरोपी की पहचान की गई। इसके बाद मिनाल क्षेत्र में घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे

प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने कई वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी मध्य प्रदेश के सागर जिले का रहने वाला है और मानसिक तनाव के चलते उसने इन घटनाओं को अंजाम दिया। हालांकि, पुलिस आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड और हमलों के पीछे की पूरी वजह की गहन जांच कर रही है।

सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश

घटना के बाद पुलिस ने रात के समय गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें। फिलहाल आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए कोर्ट में पेश किया जाएगा।




विजय शाह विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने MP सरकार को लगाई फटकार, 2 हफ्ते में फैसला जरूरी



भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह के एक विवादित बयान को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा है। यह टिप्पणी कर्नल सोफिया कुरैशी से जुड़ी थी, जिसे अदालत ने गंभीर प्रकृति का माना। पहले इस पर हाई कोर्ट ने FIR दर्ज करने के आदेश दिए थे, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले की निगरानी अपने हाथ में ली।

SIT जांच और रिपोर्ट

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया था। SIT ने जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। अब सवाल यह है कि मंत्री विजय शाह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए सरकार अभियोजन की अनुमति देती है या नहीं।

सरकार की देरी पर कोर्ट नाराज़

जांच पूरी होने के बावजूद राज्य सरकार की ओर से अब तक कोई स्पष्ट फैसला नहीं लिया गया है। इसी देरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी नाराज़गी जताई है। अदालत ने कहा कि मामले को लटकाना स्वीकार्य नहीं है।

दो हफ्ते की अंतिम मोहलत

सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को साफ निर्देश देते हुए कहा है कि दो हफ्ते के भीतर यह तय किया जाए कि मंत्री विजय शाह के खिलाफ मुकदमा चलाया जाएगा या नहीं। कोर्ट ने संकेत दिए कि आगे और देरी पर सख्ती बढ़ सकती है।

माफी पर भी सवाल

मंत्री विजय शाह की ओर से पहले दी गई माफी को भी सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल पर्याप्त नहीं माना है। अदालत का मानना है कि सिर्फ माफी से मामला खत्म नहीं किया जा सकता।

सियासी असर तेज

इस पूरे मामले को लेकर प्रदेश की राजनीति में भी हलचल है। विपक्ष सरकार पर हमलावर है, वहीं आने वाले दिनों में यह विवाद राजनीतिक रूप से और गर्माने के संकेत दे रहा है।

Wednesday, February 4, 2026

मोहन यादव का दिल्ली दौरा, इस बार लिस्ट होगी फाइनल

मध्य प्रदेश में लंबे समय से लटकी निगम मंडलों की सूची अगले दो दिन में सामने आ सकती है , दिल्ली में हाईकमान ने जंबो लिस्ट को मंजूरी दे दी है मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहनयदव का दिल्ली दौर इस मायने में बेहद अहम माना जा रहा है,, माना जा रहा है कि निगममडलों में नियुक्ति के साथ ही मोहन मंत्रिमंडल में भी कुछ बदलाव हो सकते हैं कुछ सीनियर मंत्रियों को अब केंद्रीय संगठन में जिम्मेदारी देने की तैयारी है.. निगम मंडलों के लिए ये नाम लगभग फाइनल इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर जैसे बड़े शहरों के प्राधिकरणों में नियुक्तियां होंगी। निगम मंडल प्राधिकरण में चेतन सिंह चौहान, शशांक श्रीवास्तव, शैलेंद्र शर्मा, राघवेंद्र शर्मा, केपी त्रिपाठी, श्याम बंसल, दीपक सक्सेना, संजय नगाइच, सतेंद्र भूषण सिंह, आशीष अग्रवाल, गिरीश द्विवेदी, वीरेंद्र गोयल, अखिलेश जैन इन नेताओं को जगह मिल सकती है केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की करीबी आदिवासी वित्त विकास निगम की अध्यक्ष निर्मला बारेला की जगह किसी दूसरे ट्राइबल लीडर को कमान दी जा सकती है। इधर, दो हजार से कम अंतर से विधानसभा चुनाव हारे आदिवासी नेताओं को मंत्री का दर्जा मिल सकता है। इनमें कल सिंह भाबर, वेल सिंह भूरिया, नत्थन शाह कवरेती, भगत सिंह नेताम, प्रेम सिंह पटेल जैसे नेताओं को मंत्री का दर्जा दिया जा सकता है निगम-मंडल की सूची में राजनीतिक संतुलन बनाए रखने के लिए ग्वालियर-चंबल में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की पसंद को महत्व दिया जाएगा। सिंधिया के करीबियों में पूर्व नगरीय प्रशासन राज्यमंत्री ओपीएस भदौरिया, इमरती देवी, रघुराज कंसाना, पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया और मुन्नालाल गोयल के नामों पर चर्चा हो चुकी है। वही रामनिवास रावत अभी भी निगम मंडल में नियुक्ति लेने के लिए तैयार नहीं है,,दूसरी तरफ कुछ पूर्व बीजेपी जिलाध्यक्ष को भी मंत्री पद का दर्जा देने की तैयारी है

रात के ढाई बजे थाने में घुसे बीजेपी विधायक, पुलिसकर्मियों की उड़ी नींद, VIDEO हुआ वायरल!


विदिशा। मध्यप्रदेश में जनता की सुरक्षा करने वाले पुलिसकर्मी गहरी नींद में सो रही है, ये हम नहीं सिरोंज से बीजेपी के विधायक उमाकांत शर्मा का कहना है। दरअसल, मंगलवार रात करीब ढाई बजे क्षेत्र के विधायक उमाकांत शर्मा आंनदपुर ईलाके में पहुंचे थे। तभी विधायक शर्मा औचक निरीक्षण के लिए थाने पहुंचे। यहां पहुंचने के बाद विधायक जी नजारा देखकर दंग रह गए। थाने का चैनल गेट खुला हुआ था, कमरों के दरवाजे खुले हुए थे, कुर्सियां खाली और बेंच पर सोता जवान मिला। ये न तो सिपाही था न ही आरक्षक, ये जवान था होमगॉर्ड का सिपाही जिसके भरोसे पूरा थाना और शहर छोड़ रखा था।

10 से 15 मिनट घूमने के बाद इस लापरवाही को देखते हुए, गहरी नींद में सो रहे सिपाही को विधायक ने खुद जगाया और पूछताछ की। इसी बीच, थाना प्रभारी अनुज प्रताप सिंह को विधायक के निरीक्षण की जानकारी मिली और वे भी आनन-फानन में थाने पहुंचे। थाना प्रभारी अनुज प्रताप सिंह ने सफाई देते हुए बताया कि थाने में कुल 20 पुलिसकर्मी पदस्थ हैं, जिनमें 3 महिला आरक्षक भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि वे थाने के पास बने क्वार्टर में थे और क्षेत्र में पुलिस गश्त जारी थी। विधायक ने इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर कोई गलत इरादे वाला व्यक्ति आता, तो थाने से सामान तक ले जा सकता था।

विधायक ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट पर वीडियो को पोस्ट करते हुए लिखा कि "आज मैंने रात्रि 2.30 से 3.00 बजे तक आनंदपुर गांव के थाने की रात्रि गश्त एवं चौकीदारी व्यवस्था को देखा। व्यवस्था पूर्णतः खराब है। मैं थानेदार साहब , SDOP साहब, SP महोदय से आवेदन करता हूं आनंदपुर में रात्रि गश्त की व्यवस्था बहुत खराब है। वहां के व्यापारीगण कई बार गश्त सुधारने हेतु आग्रह कर चुके है। मैंने भी थानेदार महोदय अनुज प्रताप सिंह आनंदपुर थाना , SDOP महोदय विकासखंड लटेरी तथा SP महोदय को अवगत कराया है। इसके बाद भी व्यवस्था नहीं सुधारना बिल्कुल गलत है। जनता के हित में सुधार हेतु आवश्यक कार्यवाही करें।"


हालांकि, विधायक के निरीक्षण में सामने आई स्थिति ने इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। साथ ही इस दौरान आंनदपुर में अगर कोई अनहोनी या दुर्घटना हो जाती तो पुलिस गहरी नींद में सोती ही रहती। या फिर थाने से ही कई महत्वपूर्ण दस्तावेज या सामान चोरी हो जाता तो उसका जिम्मेदार कौन होता। यही सोता हुआ सिस्टम जनता की परेशानियां बढ़ाता है। यहीं वजह है कि इंसाफ के लिए आम जनता को इतना परेशान होना पड़ता है। अब देखना होगा कि वीडियो वायरल होने के बाद व्यवस्थाएं सुधरेंगी या फिर किसी बड़ी अनहोनी होने का इंतजार किया जाएगा।

गेहूं का पैसा चाहिए? तो 7 फरवरी से पहले जरूर सुधार लें ये गलती




भोपाल। मध्यप्रदेश में रबी सीजन के तहत समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं खरीदी के लिए किसानों का पंजीयन 7 फरवरी 2026 से शुरू होगा, जो 7 मार्च 2026 तक चलेगा। राज्य आपूर्ति निगम के नियमों के अनुसार, पंजीयन के समय किसान के आधार कार्ड और खसरा (भूमि रिकॉर्ड) में नाम और उसकी स्पेलिंग बिल्कुल एक जैसी होना जरूरी है। अगर नाम में कोई अंतर है, तो किसान को पहले तहसील कार्यालय से सत्यापन कराना होगा।


जांच के लिए डाले जाएंगे ₹1 

खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के निर्देश पर इस बार पंजीयन के दौरान ही किसानों के आधार से जुड़े बैंक खाते में 1-1 रुपये भेजकर वेरिफिकेशन किया जाएगा। इसका मकसद यह है कि बाद में गेहूं का भुगतान करते समय कोई तकनीकी समस्या न आए।


किसानों की सुविधा के लिए पंजीयन दो श्रेणियों में किया जाएगा

मुफ्त पंजीयन केंद्र:

- ग्राम पंचायत

- जनपद पंचायत

- तहसील कार्यालय

- सहकारी समिति


शुल्क वाले केंद्र:

- MP ऑनलाइन कियोस्क

- CSC सेंटर

- लोक सेवा केंद्र

- साइबर कैफे

यहां अधिकतम ₹50 शुल्क लिया जाएगा।


गेहूं का MSP बढ़ा

इस बार गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है, जो पिछले साल के मुकाबले 160 रुपये ज्यादा है। पूरे प्रदेश में 3186 खरीदी केंद्र बनाए गए हैं।


इन खातों में नहीं होगा भुगतान

गेहूं की राशि सीधे किसान के आधार-लिंक बैंक खाते में दी जाएगी।

इन खातों में भुगतान नहीं होगा—

- संयुक्त खाता

- निष्क्रिय खाता

- फिनो, एयरटेल, पेटीएम जैसे पेमेंट बैंक खाते

अगर आधार से मोबाइल नंबर या बैंक खाता लिंक नहीं है, तो किसान समय रहते आधार केंद्र, बैंक या पोस्ट ऑफिस में अपडेट करा लें।


 पंजीयन के लिए जरूरी दस्तावेज

- मूल आधार कार्ड (आधार से मोबाइल नंबर लिंक होना जरूरी)

- वोटर आईडी या अन्य पहचान पत्र

- खसरा-खतौनी / भूमि रिकॉर्ड

- सिकमी या बटाईदार किसानों के लिए अनुबंध पत्र

- वन पट्टाधारी किसानों के लिए पट्टे का प्रमाण

- बैंक पासबुक (नाम और IFSC कोड साफ दिखना चाहिए)

Tuesday, February 3, 2026

मोहन-शिवराज की मुलाकात,, क्या बनेगी बात

केंद्रीय कृषि मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्वमुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज भोपाल में मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात करने पहुंचे ,केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने एमपी को मिलने वाली बड़ी राशि रोक रखी है,,, और वित्तीय वर्ष खत्म होने जा रहा है,, ये स्थिति दोनों बड़े नेताओं के आपसी टकराव से बनी है ,,जिसके बाद एमपी बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सक्रिय हुए है,, वो रायसेन सांसद खेल महोत्सव में पहुंचे और पूर्व सीएम से चर्चा की जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए है ,,जिसके बाद ही शिवराज सीएम हाउस पहुंचे और मुख्यमंत्री मोहन यादव से चर्चा की ,,माना जा रहा है अब मध्य प्रदेश का केंद्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा रोका गया पैसा जल्द मिल जाएगी,, उल्लेखनीय है कि अब वित्तीय वर्ष भी खत्म होने वाला है ऐसे में राज्य सरकार को जल्द से जल्द पैसा मिलने की दरकार है!